छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में तनाव: दो समुदाय आमने-सामने, आगजनी और तोड़फोड़
गरियाबंद। छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के गरियाबंद जिले (Gariaband district) के दुधकैयां गांव (Dudhkaiyan village) में दो समुदायों के बीच तनाव हिंसक झड़पों (Violent Clashes) में बदल गया। शिव मंदिर में तोड़फोड़ और उसके बाद हुई मारपीट ने इलाके में जबरदस्त आक्रोश पैदा कर दिया। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
शिव मंदिर में तोड़फोड़ के बाद उत्पन्न हुआ तनाव
गांव में एक मुस्लिम युवक ने शिव मंदिर में कथित रूप से तोड़फोड़ की। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जेल से रिहा होने के बाद युवक अपने रिश्तेदारों के साथ लौट आया और ग्रामीणों पर हमला कर दिया।
पीड़ित ने पुलिस की लापरवाही का आरोप लगाया
गांव के निवासी नरेंद्र साहू पर तीन युवकों ने हमला किया और उन्हें लकड़ी के डंडों से बुरी तरह पीटा। साहू के हाथ और पैर में फ्रैक्चर हो गया। पीड़ित ने आरोप लगाया कि पुलिस को मामले की जानकारी होने के बावजूद तुरंत कार्रवाई नहीं की और आरोपियों को पकड़ने में देरी हुई।
हिंसा की चपेट में आया गांव: घरों और वाहनों में आग लगाई गई
हमले की खबर फैलते ही हिंदू समुदाय के लोग भड़क उठे और आरोपियों से जुड़े घरों और वाहनों में आग लगा दी। स्थिति तेजी से बिगड़ती चली गई, जिससे पुलिस को अतिरिक्त बल बुलाने की आवश्यकता पड़ी।
तीन आरोपी गिरफ्तार, पुलिसकर्मी हुए घायल
पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गांव में उत्पन्न तनाव को शांत करने के लिए गरियाबंद, रायपुर, महासमुंद, दुर्ग और राजनांदगांव जिलों से अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस पर कुछ आक्रोशित लोगों ने ईंट और पत्थरों से हमला किया, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हुए। हालांकि, स्थिति अब नियंत्रण में बताई जा रही है।
मुख्यमंत्री का कड़ा संदेश: दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि घटना उनके संज्ञान में है और सरकार इसे गंभीरता से देख रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन आरोपियों ने यह हिंसा फैलाई, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि हर कदम कानून के दायरे में उठाया जाएगा।
पीसीसी चीफ दीपक बैज की प्रतिक्रिया:
छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि पुलिस और सरकार की लापरवाही के कारण यह हिंसा भड़की। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि पुलिस समय रहते कार्रवाई करती, तो यह घटना टल सकती थी। बैज ने दोनों समुदायों से शांति बनाए रखने की अपील की और घटना की न्यायिक जांच की मांग की।


Maha Shivratri 2026: इस शिवरात्रि आजमाएं कुछ नया, मिनटों में बनाएं ये टेस्टी और क्रिस्पी स्टफ्ड चीला
Valentine’s Day पर रायपुर में हिंदू संगठनों का अनोखा विरोध, सड़कों पर उतरकर बांटी हनुमान चालीसा
Mumbai में मेट्रो पिलर गिरा, 1 की मौत, 4 घायल
वंदे मातरम दिशा-निर्देश पर उज्जैन के इमाम का बयान: ‘हिंदू और गैर-हिंदुओं के स्कूल अलग हों’